कीटनोद के राजस्व ग्राम भीलों की ढाणी बामणी में लंबे समय से बिजली की केबल खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित है। ग्रामीणों ने ग्रामीण सेवा शिविर में दो बार शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद एईएन, एक्सईएन और अधीक्षण अभियंता तक फरियाद पहुंचाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। कल आदिवासी दिवस पर मंच सजेंगे, भाषण होंगे और विकास के दावे किए जाएंगे, लेकिन आदिवासी बस्तियों में लोग आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से परेशान हैं। आदिवासी दिवस पर आदिवासी बस्तियों में बिजली गुल है। क्या ग्रामीण छोटी सी समस्या के लिए बार बार दफ्तरों के चक्कर काटे? क्या बिजली विभाग के अधिकारी ग्रामीण सेवा शिविर को मजाक में ले रहे हैं? शिविरों में त्वरित कार्रवाई कर समस्या का समाधान करने का दावा किया जाता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है! जिला प्रशासन इस मामले की त्वरित कार्रवाई के लिए आदेश करें।
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