बुधवार, अगस्त 12 2026 | 10:44:29 AM
Breaking News
Home / बाजार / कैट ने ई-कॉमर्स कंपनियों पर लगाया आरोप, फेस्टिवल सेल के जरिए जीएसटी का लगा रही हैं चूना

कैट ने ई-कॉमर्स कंपनियों पर लगाया आरोप, फेस्टिवल सेल के जरिए जीएसटी का लगा रही हैं चूना

नयी दिल्ली। व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आरोप लगाया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां त्योहारी सीजन की सेल के जरिए सरकार को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) का चूना लगा रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजे पत्र में कैट ने कहा कि अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कई ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा शुरू की गई फेस्टिवल सेल में बिक्री के दौरान जीएसटी कम कर लगाया जा रहा है। इससे सरकार को जीएसटी राजस्व का नुकसान हो रहा है।

वित्त मंत्री को दिए ज्ञापन में कैट ने कहा कि अन्य ई कॉमर्स कंपनियों के अलावा विशेष रूप से अमेजन और फ्लिपकार्ट की ‘फेस्टिवल सेल’ शुरू हो गई है, जो सरकार की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति का उल्लंघन है। कैट ने कहा कि अगर कोई व्यापारी अपने व्यवसाय के दौरान थोड़ी सी भी गलती करता है, तो उस पर कार्रवाई की जाती है लेकिन ये ई कॉमर्स कंपनियां जो केवल बिजनेस टू बिजनेस (बी 2 बी) गतिविधियों के लिए अधिकृत हैं, उपभोक्ताओं को (बी 2 सी) सीधे बिक्री कर रही हैं और उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

ये लगाए आरोप

कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने वित्त मंत्री का ध्यान इन ई-कॉमर्स कंपनियों की ‘फेस्टिवल सेल’ की अवधि के दौरान उन वस्तुओं की बिक्री की ओर आकर्षित किया, जहां सामान की बहुत अधिक बिक्री हो रही है और जिन पर 10 से 80 प्रतिशत की बड़ी छूट देकर वास्तविक मूल्य से कम कीमत पर सामान बेचा जा रहा है और उसी पर जीएसटी लिया जा रहा है। इससे सरकार को जीएसटी राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है। कैट ने वित्त मंत्री से इन कंपनियों के व्यापार मॉडल की जांच कराने का आग्रह किया है।

Check Also

HDFC Bank and Marwari University sign MoU in a major step towards preparing future banking leaders

फ्यूचर बैंकिंग लीडर्स तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम, HDFC बैंक और मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू

राजकोट. HDFC बैंक लिमिटेड ने छात्रों के लिए मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू  (MoU) पर हस्ताक्षर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *