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अरबपतियों की जमात और बढ़ी

मुंबई. पिछले डेढ़ साल से शेयर बाजार में तेजी और आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की बाढ़ से देश के अरबपति प्रवर्तकों की जमात में कई नए प्रवर्तक शामिल हुए हैं। 1 अरब डॉलर (करीब 75,000 करोड़ रुपये) की हैसियत वाले प्रवर्तकों और कारोबारियों की संख्या 2020 के 85 से बढ़कर इस साल रिकॉर्ड 126 हो गई है। इन अरबपति प्रवर्तकों की समेकित संपत्ति करीब 729 अरब डॉलर (लगभग 55 लाख करोड़ रुपये) है, जो 2020 के दिसंबर में 494 अरब डॉलर (37 लाख करोड़ रुपये) थी।

बिजनेस स्टैंडर्ड की सूची में शामिल 126 अरबपति प्रवर्तकों की समेकित संपत्ति वित्त वर्ष 2022 में देश के अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के करीब 25 फीसदी के बराबर है। पिछले साल अरबपतियों की संपत्ति और जीडीपी का अनुपात 18.6 फीसदी था।

अरबपतियों की सूची में पारंपरिक परिवार के स्वामित्व वाले कारोबारी समूहों के प्रवर्तकों का दबदबा बना हुआ है लेकिन इस साल सूची में तकनीकी और पहली पीढ़ी के उद्यमियों ने भी अपनी जगह बनाई है। शेयर बाजार में अपने उद्यम को सूचीबद्घ कराने से इनके नेटवर्थ में काफी इजाफा हुआ है। उदाहरण के लिए फैशन ई-कॉमर्स (नायिका) की प्रवर्तक फाल्गुनी नायर 7 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ देश में सबसे अमीर प्रवर्तकों की सूची में 23वें नंबर पर है।

आईपीओ बाजार में तेजी से अरबपतियों की जमात में जगह बनाने वाले अन्य प्रवर्तकों में मैक्रोटेक डेवलपर्स के अभिषेक लोढ़ा (6.73 अरब डॉलर), पेटीएम के विजय शेखर शर्मा (1.04 अरब डॉलर), क्लीन साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी के एआर बॉब (2.71 अरब डॉलर), जीआर इन्फ्राप्रोजेक्ट्स के विनोद अग्रवाल (1.92 अरब डॉलर), नूवोको विस्टास के हिरेन पटेल (1.3 अरब डॉलर) और राकेश झुनझुनवाला (1.07 अरब डॉलर) प्रमुख हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी इस सूची में शीर्ष पर काबिज हैं और उनका नेटवर्थ सर्वकालिक उच्च स्तर 104.7 अरब डॉलर (7.85 लाख करोड़ रुपये) है, जो डॉलर में पिछले साल की तुलना में 21.4 फीसदी अधिक है। 2019 में अंबानी की संपत्ति में 37 फीसदी का इजाफा हुआ था। 2020 में मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति में करीब 18.4 अरब डॉलर यानी हर हफ्ते 35.4 करोड़ डॉलर का इजाफा हुआ था। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण दिसंबर 2020 के 12.81 लाख करोड़ रुपये से 25 फीसदी बढ़कर 16 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

अदाणी समूह के गौतम अदाणी लगातार दूसरे साल अपनी संपत्ति में सबसे ज्यादा इजाफा करने वाले प्रवर्तक रहे। अदाणी परिवार का नेटवर्थ 2021 में 82.43 अरब डॉलर है, जो दिसंबर 2020 के करीब 40 अरब डॉलर के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। 2019 में इनकी हैसियत 20 अरब डॉलर थी। अदाणी समूह की कंपनियों अदाणी टोटाल गैस (366 फीसदी), अदाणी ट्रांसमिशन (315 फीसदी), अदाणी एंटरप्राइजेज (250 फीसदी) और अदाणी पावर (99.6 फीसदी) के शेयरों में इस साल जबरदस्त तेजी का अदाणी को लाभ हुआ है। अदाणी समूह की सूचीबद्घ कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण इस साल अब तक 133 फीसदी बढ़कर 9.87 लाख करोड़ रहा, जो दिसंबर 2020 में 4.27 लाख करोड़ रुपये था। अदाणी परिवार के पास समूह की सूचीबद्घ कंपनियों में औसतन करीब 62.6 फीसदी हिस्सा है। तकनीकी क्षेत्र के उद्यमियों में विप्रो के अजीम प्रेमजी, एचसीएल टेक के शिव नाडर और इन्फोसिस के संस्थापकों की संपत्ति में भी इस साल खासी उछाल आई है। आईटी कंपनियों के शेयरों में तेजी का इन्हें फायदा मिला है।

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