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Textile factories are closed, yet chemical water is flowing in the drains: commotion near Camel Fanta, police arrived on the spot

कपड़ा फैक्ट्रियां बंद, फिर भी नालों में बह रहा रासायनिक पानी: ऊंट फांटा के पास हड़कंप, पुलिस पहुंची मौके पर

बालोतरा। शहर के रिको इंडस्ट्रीज एरिया स्थित ऊंट फांटा के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब नाले में संदिग्ध रासायनिक पानी बहता हुआ दिखाई दिया। हैरानी की बात यह है कि क्षेत्र की अधिकांश कपड़ा फैक्ट्रियां फिलहाल बंद हैं, इसके बावजूद नाले में रासायनिक पानी पहुंचने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और मामले की जानकारी पुलिस को दी।

घटना की सूचना पर पुलिस जाप्ता तत्काल मौके पर पहुंचा। बालोतरा थाना अधिकारी हिंगलाजदान ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई और समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद संबंधित विभागों को भी मामले की सूचना दी गई।

बंद उद्योगों के बीच रासायनिक पानी ने खड़े किए सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में क्षेत्र की अधिकांश टेक्सटाइल एवं प्रोसेसिंग इकाइयां बंद हैं। ऐसे में नाले में रासायनिक युक्त पानी का बहना गंभीर चिंता का विषय है। लोगों का सवाल है कि आखिर यह पानी किस स्रोत से छोड़ा जा रहा है और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि बंद फैक्ट्रियों के बावजूद रासायनिक अपशिष्ट नालों में छोड़ा जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पर्यावरण और उद्योग दोनों की छवि प्रभावित होगी।

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका

स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई कि रासायनिक पानी लगातार नालों में बहने से आसपास की जमीन, जल स्रोत और पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा दूषित पानी से आसपास रहने वाले लोगों और पशुओं के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। लोगों ने संबंधित विभागों से पानी के नमूने लेकर वैज्ञानिक जांच कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।

पुलिस और विभाग जुटे जांच में

पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नाले में बह रहा रासायनिक पानी किस स्रोत से आया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उद्योग दोबारा शुरू करने की कोशिशों के बीच नया विवाद

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब बालोतरा सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) ट्रस्ट के पदाधिकारी बंद पड़े टेक्सटाइल उद्योगों को दोबारा संचालित कराने के प्रयासों में जुटे हैं। ऐसे में संदिग्ध रासायनिक पानी मिलने की घटना ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी की लापरवाही या अवैध गतिविधि के कारण ऐसा हो रहा है, तो इससे पूरे बालोतरा के उद्योग की छवि प्रभावित हो सकती है।

निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल और संबंधित विभागों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, रासायनिक पानी के स्रोत का पता लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण और उद्योग की साख बनाए रखने के लिए इस मामले का जल्द खुलासा होना जरूरी है।

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