बालोतरा। खेड़ रोड-बाड़मेर हाईवे पर स्थित एक जिओ टावर के लिए बिजली आपूर्ति बाधित होने पर सड़क किनारे नहीं, बल्कि डिवाइडर के पास सड़क पर ही पिकअप वाहन में रखा भारी जनरेटर खड़ा कर संचालन किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था लगातार राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिजली कटते ही जनरेटर से लैस पिकअप वाहन को सड़क के बीच डिवाइडर के निकट खड़ा कर दिया जाता है। हाईवे पर दिन-रात वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क पर खड़ा यह वाहन कभी भी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकता है। खासकर रात के समय या तेज रफ्तार में आने वाले वाहनों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि कोई आम व्यक्ति अपनी गाड़ी कुछ समय के लिए भी सड़क पर खड़ी कर दे तो पुलिस तत्काल चालान काटती है और कार्रवाई करती है। वहीं, सार्वजनिक मार्ग पर बार-बार इस तरह जनरेटर खड़ा किए जाने के बावजूद संबंधित विभागों और प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे लोगों में दोहरे मापदंड को लेकर नाराजगी है।
पहले भी उठ चुका है मामला
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस समस्या को लेकर पूर्व में भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं और समाचार भी प्रकाशित हुए हैं। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क पर जनरेटर खड़ा कर संचालन करने की व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही टेलीकॉम कंपनी को जनरेटर संचालन के लिए सुरक्षित और वैकल्पिक स्थान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि आमजन की जान जोखिम में न पड़े।
जनता का सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। यदि आम नागरिकों पर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है तो कंपनियों और संस्थानों पर भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि प्रशासन को किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
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