सुरत भारत में एरेटेड ऑटोक्लेव्ड कंक्रीट (AAC) ब्लॉक्स, ब्रिक्स और ALC पैनल्स के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक बिगब्लॉक कंस्ट्रक्शन लिमिटेड ने मार्च 2026 को समाप्त Q4FY26 के लिए रू. 86.93 करोड़ का कोन्सोलिडेटेड ओपरेशनल रेवन्यु दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज रू. 64.59 करोड़ की तुलना में 34.6% अधिक है। कंपनी ने Q4FY26 में रू. 7.06 करोड़ का EBITDA दर्ज किया, जो बिल्डिंग मटिरियल्स क्षेत्र में जारी दबाव के बावजूद स्थिर प्रदर्शन को दर्शाता है। मार्जिन और प्रोफिटेबलिटी पर भू–राजनीतिक तनावों तथा चल रहे विस्तार कार्यों से उत्पन्न उद्योगव्यापी चुनौतियों का प्रभाव पड़ा।
Q4 FY26 के दौरान कंपनी की केपेसिटी युटिलाईझेशन 78% रही। बिगब्लॉक बिल्डिंग एलिमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड में क्षमता उपयोग 89% तथा सियाम सीमेंट बिगब्लॉक कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड में 40% दर्ज किया गया।
मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष FY26 के लिए कंपनी का परिचालन राजस्व रू. 283.42 करोड़ रहा, जो FY25 में दर्ज रू. 224.64 करोड़ की तुलना में 26.2% अधिक है। FY26 में EBITDA रू. 22.93 करोड़ रहा तथा EBITDA मार्जिन 8.09% दर्ज किया गया।
कंपनी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए बिगब्लॉक कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के निदेशक एवं CFO मोहित साबू ने कहा, “कंपनी ने तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज की है, जिसका श्रेय बेहतर परिचालन दक्षताओं और प्रमुख बाजारों में स्थिर मांग को जाता है। वर्ष के दौरान हमने निर्माण रसायन क्षेत्र में प्रवेश कर अपने व्यवसाय को और मजबूत किया तथा टिकाऊ संचालन पर निरंतर ध्यान केंद्रित किया। भारत में पर्यावरण–अनुकूल निर्माण सामग्री की बढ़ती स्वीकार्यता को देखते हुए हम दीर्घकालिक विकास संभावनाओं को लेकर आश्वस्त हैं और परिचालन उत्कृष्टता, क्षमता विस्तार तथा शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन पर अपना ध्यान बनाए रखेंगे।“
वर्ष 2015 में स्थापित बिगब्लॉक कंस्ट्रक्शन लिमिटेड AAC ब्लॉक क्षेत्र की सबसे बड़ी और एकमात्र सूचीबद्ध कंपनी है। गुजरात (खेड़ा, उमरगांव और कपडवंज) तथा महाराष्ट्र (वाडा) स्थित संयंत्रों में इसकी वार्षिक स्थापित क्षमता 13 लाख घन मीटर है। कंपनी ने हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर में भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड AAC ब्लॉक निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए लगभग 57,500 वर्ग मीटर भूमि खरीदी है। बिगब्लॉक AAC उद्योग की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जो कार्बन क्रेडिट भी अर्जित करती हैं।
वर्ष के दौरान कंपनी ने अपने उमरगांव संयंत्र में निर्माण रसायनों का व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया। यह संयंत्र ब्लॉक जॉइन्टिंग मोर्टार, रेडी मिक्स प्लास्टर और टाइल एडहेसिव्स का निर्माण करता है, जिससे कंपनी की उपस्थिति तेजी से बढ़ते निर्माण सामग्री क्षेत्रों में मजबूत हुई है और उसका उत्पाद पोर्टफोलियो विस्तारित हुआ है।
कंपनी की सहायक इकाई स्टारबिगब्लॉक बिल्डिंग मटेरियल लिमिटेड ने इंदौर स्थित ग्रीनफील्ड परियोजना के लिए टाउन प्लानिंग क्लियरेंस, भूमि पंजीकरण, ग्राम पंचायत स्वीकृति और एनए (NA) आदेश सहित सभी प्रमुख अनुमतियां प्राप्त कर ली हैं।
28 अप्रैल 2026 को माननीय क्षेत्रीय निदेशक द्वारा स्वीकृत विलय योजना के अनुसार, स्टारबिगब्लॉक बिल्डिंग मटेरियल लिमिटेड (SBML) का बिगब्लॉक बिल्डिंग एलिमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (BBEPL) में 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी विलय कर दिया गया है। इस पुनर्गठन का उद्देश्य परिचालन को सुव्यवस्थित करना, दक्षता बढ़ाना तथा कॉर्पोरेट संरचना को और मजबूत बनाना है।
चूंकि दोनों संस्थाएं पहले से ही समूह के समेकित वित्तीय विवरणों में शामिल थीं, इसलिए इस विलय का समूह की समेकित परिसंपत्तियों, देनदारियों, राजस्व या व्यय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। स्वीकृत शेयर स्वैप व्यवस्था के बाद BBEPL में कंपनी की हिस्सेदारी 100% से घटकर 92.63% हो गई है। परिणामस्वरूप, गैर–नियंत्रक हिस्सेदारी (Non-Controlling Interest) SBML में 14.85% से घटकर विलयित BBEPL इकाई में 7.37% रह गई है।
स्थिरता के क्षेत्र में कंपनी और उसकी सहायक इकाइयों में कुल स्थापित रूफटॉप सोलर पावर क्षमता अब 3340 किलोवाट तक पहुंच गई है। कंपनी ने ESG World पर अपनी ESG प्रोफाइल भी लॉन्च की है, जो वैश्विक स्थिरता मानकों, पारदर्शिता और जिम्मेदार व्यावसायिक प्रथाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कंपनी की वेबसाइट के सस्टेनेबलिटी सेक्शन में उपलब्ध यह प्रोफाइल निवेशकों, विश्लेषकों, ESG रेटिंग एजेंसियों और वित्तीय संस्थानों को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रमुख ESG संकेतकों पर कंपनी के प्रदर्शन को ट्रैक करने में सक्षम बनाती है।
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