मुख्यमंत्री करेंगे वर्चुअल उद्घाटन
जयपुर। राजस्थान के हरित आवरण को बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के पाँच जिलों—जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, बारां और बूंदी में वन विभाग द्वारा निर्मित सात नई अत्याधुनिक पौधशालाओं (नर्सरी) का लोकार्पण कल किया जाएगा। मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से इन पौधशालाओं का उद्घाटन करेंगे।
पौधारोपण अभियानों को मिलेगी नई गति
वन विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान इन सात पौधशालाओं का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। इन नर्सरियों के शुरू होने से राज्य में चलाए जा रहे बड़े स्तर के पौधारोपण अभियानों को नई गति मिलेगी। इससे न केवल पौधों की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण और अनुकूल प्रजाति के पौधे भी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
प्रमुख विशेषताएँ और लाभ:
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क्षेत्रीय विस्तार: जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, बारां और बूंदी जिलों में इन नर्सरियों की स्थापना से स्थानीय पर्यावरण सुधार में मदद मिलेगी।
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गुणवत्ता पर जोर: इन पौधशालाओं में गुणवत्तापूर्ण पौधों के उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि पौधारोपण के बाद पौधों के जीवित रहने की दर (Survival Rate) में सुधार हो सके।
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हरित आवरण में वृद्धि: प्रदेश का हरित आवरण (Green Cover) बढ़ाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में ये पौधशालाएं एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ सिद्ध होंगी।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से मरुस्थलीय और अन्य क्षेत्रों में वनस्पति विकास में काफी तेजी आएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन नर्सरियों का निर्माण अत्याधुनिक मानकों के अनुरूप किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा इन पौधशालाओं का वर्चुअल लोकार्पण राज्य की पर्यावरण नीतियों को और अधिक सुदृढ़ करेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और हरा-भरा राजस्थान तैयार किया जा सकेगा।
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