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Major action by Panchayati Raj Department in Bundi: 12 Village Development Officers suspended for taking payment without doing any work

बूंदी में पंचायतीराज विभाग का बड़ा एक्शन: बिना काम कराए भुगतान उठाने वाले 12 ग्राम विकास अधिकारी निलंबित

बूंदी/जयपुर: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए पंचायतीराज विभाग ने बूंदी जिले में एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। राज्य के पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के कड़े निर्देशों के बाद, विभाग ने 12 ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं बरतने और बिना काम किए सरकारी खजाने से राशि का भुगतान उठाने के गंभीर आरोप हैं।

क्या है पूरा मामला?

बूंदी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और वित्तीय स्थिति को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जब विभाग ने संबंधित गांवों में कार्यों की भौतिक जांच (Physical Verification) कराई, तो चौकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि:

  • कई स्थानों पर स्वीकृत विकास कार्य धरातल पर अधूरे पड़े हैं।
  • नियमों को ताक पर रखकर, बिना काम पूरा किए ही पूरी राशि का आहरण (Withdrawal) कर लिया गया।
  • सरकारी फंड का दुरुपयोग करते हुए फर्जी तरीके से भुगतान प्रक्रिया पूरी की गई।

मंत्री के निर्देशों पर हुई कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जनता के पैसे का दुरुपयोग करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। इन निर्देशों के अनुपालन में, पंचायतीराज विभाग ने बूंदी जिले के इन 12 ग्राम विकास अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान इन सभी अधिकारियों का मुख्यालय नियमानुसार तय किया गया है।

आगे और सख्त होगी कार्रवाई

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह केवल प्रारंभिक कार्रवाई है। मामले की विस्तृत जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय टीम गठित की गई है, जो पूरे प्रकरण का बारीकी से अध्ययन करेगी। अधिकारियों ने बताया कि:

  1. जांच पूरी होने के बाद, इन निलंबित अधिकारियों से गबन की गई सरकारी राशि की रिकवरी (वसूली) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
  2. दोषी पाए जाने पर विभागीय नियमों के तहत उन्हें सेवा से बर्खास्त करने तक की कार्रवाई हो सकती है।
  3. राज्य सरकार का संदेश साफ है कि ग्रामीण विकास के लिए आवंटित राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए।

इस कार्रवाई से पूरे राज्य के विभागीय तंत्र में हड़कंप मच गया है और यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के प्रति सरकार का रुख बेहद सख्त है।

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