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Lebanon's president called the agreement with Israel the beginning of restoring sovereignty, while Hezbollah rejected the deal.

लेबनान के राष्ट्रपति ने इजरायल के साथ हुए समझौते को बताया संप्रभुता बहाली की शुरुआत, हिज्बुल्लाह ने डील को किया खारिज

बेरूत. लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने शुक्रवार को वॉशिंगटन में हुए लेबनान-इजरायल फ्रेमवर्क समझौते को देश की पूर्ण संप्रभुता बहाल करने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रक्रिया को पूरा होने तक निरंतर प्रयास करती रहेगी।

लेबनानी राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में आउन ने कहा कि यह समझौता विस्थापित लेबनानी नागरिकों की अपने घरों और जमीन पर वापसी का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लेबनान अब किसी भी प्रकार के कब्जे को स्वीकार नहीं करेगा।

राष्ट्रपति आउन ने वार्ता की मेजबानी और मध्यस्थता के लिए अमेरिका का आभार जताया। उन्होंने उन अरब और मित्र देशों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया के दौरान लेबनान का समर्थन किया।

इस समझौते का हिज्बुल्लाह ने कड़ा विरोध किया है। संगठन के सांसद हसन फदलल्लाह ने कहा कि हिजबुल्लाह इस फ्रेमवर्क को लागू करने की किसी भी कोशिश का विरोध करेगा और अपने हथियार नहीं छोड़ेगा।

फदलल्लाह ने कहा कि हिज्बुल्लाह के करीबी सहयोगी ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इजरायल पूरी तरह लेबनानी क्षेत्र से पीछे नहीं हटता, तब तक तेहरान वॉशिंगटन के साथ किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा।

इजरायल और लेबनान के बीच हुआ यह फ्रेमवर्क समझौता दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे विवादों को सुलझाने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। इजरायल के सरकारी प्रसारक कान टीवी के अनुसार, समझौते के तहत एक पायलट कार्यक्रम के अंतर्गत इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान के दो क्षेत्रों से पीछे हटेगी।

समझौते में दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह की सुरंगों और संगठन की बढ़ती सैन्य ताकत से निपटने के लिए भी एक साझा रूपरेखा तय की गई है।

इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में कहा कि जब तक हिज्बुल्लाह अपने हथियार नहीं छोड़ता, तब तक इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में अपने नियंत्रण वाले ‘सुरक्षा क्षेत्र’ में तैनात रहेगी।

उन्होंने इस समझौते को इजरायल की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया और कहा कि यह लंबे समय तक चली वार्ताओं के बाद संभव हो सका। नेतन्याहू ने दावा किया कि यह समझौता ईरान के लिए भी बड़ा झटका है, क्योंकि वह इजरायल को पीछे हटने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है।

उधर, समझौते के बावजूद इजरायली सेना ने शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान में जमीनी और हवाई अभियान जारी रखा। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (एनएनए) के अनुसार, सीमा से सटे ऐन अरब कस्बे में इजरायली सैनिकों ने तलाशी अभियान चलाया। इससे कुछ घंटे पहले सेना तीन लेबनानी नागरिकों और चार सीरियाई कृषि श्रमिकों समेत सात लोगों को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र में ले गई थी।

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