इस होम लोन स्कीम का नाम रेशिडेंशल बिल्डर फाइनेंश विद बायर गारंटी स्कीम है। इस योजना के तहत अधिकतम 2.5 करोड़ रुपये मूल्य वाले घर के लिए लोन लिया जा सकता है। इसके अलावा बैंक की शर्तों को मानने वाले बिल्डर्स भी इस योजना के तहत 50 करोड़ से 400 करोड़ रुपये तक का लोन ले सकते हैं। यह योजना उन अपार्टमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए लागू होगी, जहां एसबीआई एकमात्र ऋणदाता है।
रियल ऐस्टेट सेक्टर को मिलेगा बूस्टर
इस स्कीम के बारे में एसबीआई के चेयरमेन रजनीश कुमार ने कहा कि यह योजना सुस्ती के दौर से गुजर रहे रियल ऐस्टेट सेक्टर को बूस्टर प्रदान करने के उद्देश्य से लाई गई है। यह स्कीम घर खरीदारों के लिए फायदेमंद है। यह लोन होम लोन्स की दर पर ही उपलब्ध होंगे। अगर बिल्डर रियल ऐस्टेट (रेगुलेशन और डेवलपमेंट) एक्ट के अंतर्गत समयसीमा में कार्य पूरा करने में विफल होता है, तो कर्जदार को रिफंड दिया जाएगा।
बिल्डर्स को प्रोजेक्ट्स को रेरा के तहत रजिस्टर्ड करना जरूरी
एसबीआई चेयरमेन कुमार ने कहा कि रेरा व जीएसटी के नियमों में बदलाव और नोटबंदी के बाद हमें महसूस हुआ कि घर खरीदने वाले ग्राहकों को समय पर मकान देने और उनका पैसा फंसने से बचाने के लिए यह स्कीम फायदेमंद हो सकती है । आपको बता दें कि सभी बिल्डर्स को अपने प्रोजेक्ट्स को रेरा के तहत रजिस्टर्ड करना होता है और कार्य पूरा करने की समयसीमा बतानी होती है।