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संकट से निपटने के होंगे उपाय : निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। चीन में फैले कोरोनावायरस (corona virus) की वजह से माल की आवाजाही में हो रही दिक्कत को देखते हुए सरकार जल्द ही कुछ उपायों की घोषणा कर सकती है। विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि सरकार बंदरगाहों और माल की आवाजाही से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए तत्काल जरूरी उपाय करेगी। बंदरगाहों पर माल की मंजूरी में तेजी लाई जाएगी और इसके लिए चौबीसों घंटे कर्मचारी काम पर लगाए जाएंगे। फार्मा, स्वास्थ्य और सर्जिकल उपकरण, रसायन, पेंट एवं उर्वरक, परिधान, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी हार्डवेयर, वाहन, दूरसंचार, मोबाइल उपकरण विनिर्माता और स्टील आदि क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने आज वित्त मंत्री और सरकार के सचिवों से मुलाकात की।

चीन से कच्चा माल नहीं आने को लेकर चिंता

सूत्रों के अनुसार कुछ क्षेत्रों ने चीन से कच्चा माल नहीं आने या बंदरगाहों पर उसके फंसे होने को लेकर चिंता जताई। माल की खेप बंदरगाहों पर अटकी हुई है क्योंकि चीन के अधिकारी समुचित कागजात मुहैया नहीं करा पा रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है कि चीन में अधिकांश अधिकारी कोरोनावायरस से निपटने के काम में लगे हैं।

चेन्नई बंदरगाह पर कागजात में कुछ छूट

हालांकि चेन्नई बंदरगाह पर कागजात में कुछ छूट दी गई है। जिसे अन्य बंदरगाहों पर भी लागू किया जा सकता है।  समुद्री खाद्य पदार्थों से जुड़ उद्योग के प्रतिनिधियों ने कहा कि दक्षिण पूर्व एशिया और चीन उनका बड़ा आयातक है। लेकिन वहां निर्यात नहीं होने की वजह से मुश्किल आ रही है। फार्मा और रसायन उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि कच्चे माल की किल्लत की वजह से उनके उत्पादन पर असर पड़ रहा है।

एसएमई क्षेत्र को कर्ज में राहत

वरिष्ठï अधिकारियों ने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए सरकार विभिन्न उपायों पर विचार कर रही है, जिनमें एसएमई क्षेत्र को कर्ज में राहत देने के उपाय भी शामिल हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि तमाम क्षेत्रों की कंपनियां चीन के अपने आपूर्तिकर्ताओं और साझेदारों के मामले में ‘फोर्स मेज्योर’ प्रावधान का उल्लेख करेंगी। आम तौर पर अनुबंधों में यह प्रावधान रखा जाता है जो किसी भी प्राकृतिक आपदा या अवंचनीय स्थिति पैदा होने पर संबंधित पक्षों को सभी तरह के दायित्वों से मुक्त कर देता है।

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