बालोतरा: राजस्थान के बालोतरा और आसपास के क्षेत्रों में टैक्सी चालकों को बंधक बनाकर वाहनों की लूट करने वाली एक शातिर अंतरराज्यीय गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। ‘ऑपरेशन अश्ववेग’ के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
क्या था मामला?
पिछले कुछ महीनों से बालोतरा और उसके आसपास के इलाकों में टैक्सी लूट की वारदातें लगातार बढ़ रही थीं। अपराधी बड़े शातिर तरीके से चालकों को अपने जाल में फंसाते, उन्हें बंधक बनाते और वाहन लेकर रहस्यमय तरीके से गायब हो जाते थे। इन वारदातों ने न केवल वाहन स्वामियों में दहशत पैदा कर दी थी, बल्कि पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गई थी।
ऑपरेशन अश्ववेग और बड़ी कामयाबी
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और ‘ऑपरेशन अश्ववेग’ के नाम से गहन जांच शुरू की। महीनों की कड़ी मशक्कत और तकनीकी साक्ष्यों (टेक्निकल सर्विलांस) के आधार पर पुलिस ने गिरोह की गतिविधियों को ट्रैक किया। इस जांच का खुलासा इतना चौंकाने वाला था कि पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर गिरोह के पांच सदस्यों को धर दबोचा।
30 हजार का इनामी सरगना शिकंजे में
पुलिस की इस कार्रवाई में गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड हुकमाराम (नाम परिवर्तित/संदर्भित) भी हत्थे चढ़ गया है, जिस पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, यह गैंग अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय थी, जो राजस्थान के साथ-साथ अन्य पड़ोसी राज्यों में भी वाहन लूट की घटनाओं को अंजाम दे रही थी।
पुलिस की बड़ी उपलब्धि
बालोतरा पुलिस द्वारा चलाए गए इस सफल अभियान ने एक खतरनाक गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जिससे अन्य वारदातों के खुलासे और लूटे गए वाहनों की बरामदगी की उम्मीद है। इस बड़ी कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की कार्यशैली की सराहना की जा रही है।
Corporate Post News