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राजस्थान और हरियाणा अमित शाह की मौजूदगी में यमुना जल बंटवारे पर समझौते पर हस्ताक्षर

जयपुर। राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल-बंटवारे पर सहमति के बाद सोमवार को दोनों राज्य दिल्ली में समझौते पर हस्ताक्षर किए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी उपस्थित होंगे।

इस समझौते से दोनों राज्यों के बीच तीन दशक से चला आ रहा गतिरोध खत्म होने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रविवार को हुई एक लंबी बैठक में दोनों राज्यों के अधिकारियों की ओर से रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। अभी राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समझौते को औपचारिक रूप देंगे।

सीएमओ अधिकारियों ने सोमवार को पुष्टि की कि भजनलाल शर्मा सुबह 8.30 बजे जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुए। यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का समारोह नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-3 में आयोजित किया जाएगा।

यमुना जल परियोजना राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के तीन जिलों सीकर, चूरू और झुंझुनू को सिंचाई और पीने का पानी उपलब्ध कराएगी। अधिकारियों ने कहा, “समझौते पर हस्ताक्षर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय गृह सचिव और केंद्र सरकार के साथ-साथ राजस्थान और हरियाणा सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में होंगे।”

दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में बीते दिन दो घंटे चली बैठक के बाद दोनों राज्यों के अधिकारियों में यह सहमति बनी। राजस्थान का प्रतिनिधित्व मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार और जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता भुवन भास्कर ने किया। हरियाणा का प्रतिनिधित्व अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल और मुख्य अभियंता वीरेंद्र सिंह ने किया, जबकि मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

सहमति के अनुसार, हरियाणा कई तय जगहों से पानी लेगा। इसमें दनोदा कलां से 10 क्यूसेक, नयागांव के पास सरसौद डिस्ट्रीब्यूटरी से 80 क्यूसेक, चौधरी माइनर पर हिंडवान से 70 क्यूसेक, सरसाना माइनर पर पट्टन से 20 क्यूसेक, सेगा नरार से 2 क्यूसेक, कैथल के पास प्योदा से 43 क्यूसेक और कैथल के पास चंदना-मानस रोड से 41.83 क्यूसेक पानी लिया जाएगा। इसके अलावा, हरियाणा को एक और तय इनटेक पॉइंट का इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी और जरूरत पड़ने पर हसियावास के तीन अन्य जलाशयों में से किसी एक से पानी लेने की इजाजत होगी।

इस प्रोजेक्ट का आर्थिक बोझ राजस्थान सरकार उठाएगी, साथ ही केंद्र सरकार से भी आर्थिक मदद पाने की कोशिश की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि यही पाइपलाइन नेटवर्क भविष्य के किशाऊ, लखवार और रेणुकाजी प्रोजेक्ट्स से राजस्थान के हिस्से का पानी पहुंचाने में भी मदद करेगा।

हालांकि, हरियाणा ने 1994 के समझौते के बाद बदलती जरूरतों को देखते हुए पानी के बंटवारे पर फिर से विचार करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन दोनों राज्य फिलहाल मूल समझौते को लागू करने पर सहमत हो गए हैं। समझौते के तहत राजस्थान को यमुना का 1,917 क्यूसेक पानी मिलेगा।

पानी की सप्लाई को आसान बनाने के लिए हथिनीकुंड से हसियावास तक तीन पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी, जिनमें से हर एक का व्यास 3.6 मीटर होगा। प्रस्तावित पाइपलाइन हरियाणा के पांच जिलों यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और हिसार से होकर गुजरेगी।

अधिकारियों ने कहा कि समझौते को औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद, पाइपलाइन कॉरिडोर के साथ जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा। टेंडर जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।

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